मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित माधव नेशनल पार्क को मिली नई पहचान टाइगर रिजर्व क्षेत्र के रूप में किया गया अधिसूचित किया गया है ।यह ग्वालियर चंबल अंचल में वन्य जीव पर्यटन और रोजगार बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है । अब पर्यटक कूनो में चीतो चंबल में घड़ियालों के साथ-साथ माधव नेशनल पार्क में बाघों का दीदार कर सकेंगे पर्यटक । आपकी जानकारी के लिए बता देंकी माधवनेशनल पार्क शिवपुरी शहर के पास में स्थित हैऔर यह बिंदु पहाड़ियों का एक हिस्सा है पाया के ग्वालियर के मुगल सम्राटों और महाराजाओं का शिकार गए रहा है इसे 1958 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया था पार्क के लिए दो प्रवेश द्वार हैं एक नेशनल हाईवे - 25 पुरानी झांसी रोड पर स्थित है जो शिवपुरी शहर से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जबकि दूसरा नेशनल हाईवे - 3 आगरा मुंबई रोड पर शिवपुरी से ग्वालियर की ओर जाने वाली सड़क पर 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यह पार्क जंगलों पहाड़ों हरी घास के मैदानों से युक्त एक विधिक पारिस्थितिक तंत्र के साथ स्थित है माधव नेशनल पार्क में नीलगाय चिकारा चौसिंगा और हिरन जैसे चीतल सांभर वर्किंग हिरण जैसे मृग रहते हैं तेंदुआ भेड़िया सियार लोमड़ी जंगली कुत्ता जंगली सूअर शाही ,अजगर आदि जानवर भी पार्क में देखे जा सकते हैं । 
माधव नेशनल पार्क को मिली नई पहचान जानिए पूरी खबर ।


 एनटीसीए भारत सरकार द्वारा दो अतिरिक्त बाघ जिसमें एक नर एवं एक मादा बाघ लाने की स्वीकृति दी गई है, जो 10 मार्च, 2025 को माधव टाइगर रिजर्व में छोड़े जाएंगे। इस प्रकार माधव टाइगर रिजर्व के कुल बाघों की संख्या सात हो जाएगी, जिसमें पांच वयस्क बाघ (दो नर एवं तीन मादा) एवं दो शावक होंगे। पन्ना टाइगर रिजर्व और रणथंभौर टाइगर रिजर्व के बीच में स्थित माधव टाइगर रिजर्व बनाए जाने से सम्पूर्ण क्षेत्र में वन्यजीव एवं बाघों का संरक्षण प्रभावी ढंग से हो सकेगा।